किशनगंज जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने 3 नवंबर को अचानक निरीक्षण किया। यह औचक निरीक्षण आईसीयू, ब्लड बैंक और दवा काउंटर पर केंद्रित था, जिसका उद्देश्य मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का वास्तविक जायजा लेना था। DM के इस कदम से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा रहा, लेकिन आम मरीजों ने राहत की सांस ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले आईसीयू का दौरा किया, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से बातचीत कर यह सुनिश्चित किया कि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है। साथ ही, आईसीयू में जरूरी उपकरणों की उपलब्धता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
इसके बाद DM ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने प्लेटलेट्स की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने ब्लड बैंक प्रभारी से रक्तदाताओं की संख्या और भंडारण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी मरीज को प्लेटलेट्स या रक्त के लिए परेशानी न हो, और समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं।
दवा काउंटर पर पहुंचकर DM ने उपलब्ध दवाओं की सूची और स्टॉक की जांच की। उन्होंने मरीजों को निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी दवा की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, डॉक्टरों के रोस्टर की भी समीक्षा की गई, ताकि सुनिश्चित हो सके कि सभी शिफ्टों में पर्याप्त चिकित्सक मौजूद रहें।
निरीक्षण के समापन पर जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित हो सके। इस पहल से जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।