किशनगंज जिले के गलगलिया और टेढ़ागाछ सेक्टर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशी तस्करी के बढ़ते मामलों को देखते हुए 3 नवंबर को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान रात्रि से भोर तक चला, जिसमें सीमा के संवेदनशील हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया गया।
संयुक्त अभियान के तहत बीएसएफ की टुकड़ियों और पुलिस बल ने गलगलिया एवं टेढ़ागाछ सेक्टर के विभिन्न गांवों और सीमा मार्गों पर सघन नाकेबंदी की। तस्करी में इस्तेमाल होने वाले संभावित रास्तों की पहचान कर वहां गश्त बढ़ाई गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच भी की गई, हालांकि अभी तक किसी बड़ी बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मवेशी तस्करी सीमा क्षेत्र में एक गंभीर चुनौती है, जिससे न केवल सुरक्षा बल्कि स्थानीय प्रशासन भी चिंतित है। उन्होंने कहा कि तस्कर अक्सर अंधेरे और कम दृश्यता का फायदा उठाकर सीमा पार करने की कोशिश करते हैं, इसलिए ऐसे संयुक्त अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने भी कहा कि तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में गलगलिया और टेढ़ागाछ क्षेत्र से मवेशी तस्करी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कुछ मामलों में तस्कर सीमा पार करने में सफल भी हुए हैं। इसके चलते स्थानीय निवासियों में भी असुरक्षा की भावना है। संयुक्त अभियान के दौरान ग्रामीणों को जागरूक किया गया और उनसे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में सीमा पर निगरानी और तेज की जाएगी तथा तस्करों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। इस अभियान को सफल बनाने में बीएसएफ की 12वीं बटालियन और किशनगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।