किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र के फल चौक और मुख्य मार्ग पर 2 नवंबर को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में प्रशासन ने बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए अवैध ठेलों और स्थायी शेडों को हटा दिया। इस कार्रवाई से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। नगर परिषद की टीम ने सुबह से ही फल चौक और मुख्य मार्ग के आसपास सड़क किनारे किए गए अतिक्रमणों को चिह्नित किया और फिर बुलडोजर से उन्हें जमींदोज करना शुरू किया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह अभियान पिछले कई दिनों से लगातार हो रहे अतिक्रमण की शिकायतों के बाद चलाया गया। फल चौक पर फल विक्रेताओं द्वारा सड़क तक फैलाए गए ठेले और अस्थायी-स्थायी शेड यातायात को बाधित कर रहे थे, जिससे आम जनता को काफी परेशानी हो रही थी। नगर परिषद ने पहले चेतावनी दी थी, लेकिन अतिक्रमण न हटने पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अतिक्रमण हटाए जाने से प्रभावित व्यापारियों ने विरोध जताया, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान नियमानुसार चलाया जा रहा है और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यातायात सुगम होगा और बाजार क्षेत्र में सफाई और व्यवस्था बहाल होगी।
नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के अन्य प्रमुख चौक-चौराहों पर भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे स्वेच्छा से अपने अतिक्रमण हटा लें अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई से किशनगंज शहर के फल चौक और मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, कुछ व्यापारियों ने अपना विरोध जारी रखा है और प्रशासन से बातचीत की मांग की है। नगर परिषद ने कहा है कि वह सभी पक्षों से संवाद कर समस्या का समाधान निकालेगी, लेकिन सार्वजनिक हित में अतिक्रमण हटाना जरूरी है। फिलहाल, बुलडोजर की कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव और हड़कंप की स्थिति बनी हुई है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में है।